JHARKHNAD NEWSLATEHARLOCAL NEWS

स्थानीय रोजगार और पर्यटन के नाम पर बने भवन बेकार पड़े, करोड़ों की राशि पर फिरा पानी

महुआडांड़ अनुमंडल में रोजगार सृजन और पर्यटन विकास के नाम पर किए गए सरकारी दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार देने और पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यहां करीब आधा दर्जन स्थानों पर बनाए गए सरकारी भवन आज बदहाली का शिकार हैं। निर्माण पूरा होने के वर्षों बाद भी ये भवन उपयोग में नहीं लाए गए, जिससे करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि बर्बाद होती नजर आ रही हैप्राप्त जानकारी के अनुसार इन भवनों का निर्माण विशेष केंद्रीय मद की राशि से कराया गया था। प्रत्येक भवन पर लगभग आधा–आधा करोड़ रुपये खर्च किए गए योजना का उद्देश्य स्पष्ट था—स्थानीय युवाओं को रोजगार, पर्यटन को बढ़ावा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देना लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो इन भवनों में कोई योजना संचालित हो रही है, न ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है और न ही पर्यटकों को कोई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के समय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए गए थे। कहा गया था कि इन भवनों से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन निर्माण पूरा होते ही प्रशासनिक उदासीनता हावी हो गई। आज स्थिति यह है कि अधिकांश भवनों पर ताले लटके हैं, कुछ जर्जर होने लगे हैं, जबकि कई जगहों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो चुका है। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय सुरक्षा को लेकर भी खतरा बढ़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन भवनों का सही तरीके से संचालन किया जाता तो सैकड़ों स्थानीय युवाओं को स्थायी और अस्थायी रोजगार मिल सकता था। पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले महुआडांड़ क्षेत्र को एक अलग पहचान मिल सकती थी। लेकिन योजनाएं कागजों से आगे नहीं बढ़ सकीं और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण जनता को कोई लाभ नहीं मिला।यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है। सवाल उठता है कि जिन उद्देश्यों से ये भवन बनाए गए थे, वे आज तक पूरे क्यों नहीं हुए? करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी इन परिसंपत्तियों का उपयोग क्यों नहीं किया गया? जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर संदेह खड़े हो रहे हैं।अब आवश्यकता है कि झारखंड सरकार इस पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान ले। उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही इन भवनों का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित कर स्थानीय लोगों को रोजगार और क्षेत्र को उसका वास्तविक हक दिलाया जाए, ताकि सरकारी योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित न रह जाएं और करोड़ों की जनता की गाढ़ी कमाई यूं ही बर्बाद न हो।

📢 झारखंड की ताज़ा खबरें अब सीधे आपके WhatsApp पर!

🔗 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें

झारटाइम्स – आपके गाँव, आपके खबर

JharTimes Desk

JharTimes Digital Media: Your Authentic Source for Jharkhand News & Updates. Your premier destination for the latest and most reliable news from across Jharkhand! We are a dedicated local news agency committed to bringing you timely, accurate, and in-depth coverage of everything happening in the state.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button