महुआडांड़ : अनाथ बच्चों के हित में जिला प्रशासन से ठोस पहल की मांग

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत रामपुर क्षेत्र में संचालित आर. पी. एस सेवा संस्थान चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा अनाथ एवं असहाय बच्चों के संरक्षण और विकास को लेकर जिला प्रशासन से सहयोग की मांग की गई है। संस्था का कहना है कि यदि जिला स्तर पर योजनाबद्ध सहयोग मिले, तो ग्रामीण क्षेत्र के अनाथ बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा दी जा सकती है।दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में संचालित इस अनाथ आश्रम में वर्तमान में लगभग 60 बच्चे रह रहे हैं, जिन्हें संस्था अपने सीमित संसाधनों से शिक्षा, भोजन और आवास की सुविधा उपलब्ध करा रही है। संस्था का दावा है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक कई मूलभूत सुविधाएं अब भी प्रशासनिक सहयोग के अभाव में अधूरी हैं।संस्था के अध्यक्ष कमलेश यादव ने बताया कि आश्रम भवन का विस्तार, बच्चों के लिए शैक्षणिक संसाधन, नियमित स्वास्थ्य जांच, खेल सामग्री, कौशल प्रशिक्षण एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधा जैसीआवश्यकताओं को पूरा करना संस्था के लिए अकेले संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन इन जरूरतों को संज्ञान में लेकर सहयोग करे, तो बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना आसान हो जाएगा।स्थानीय सामाजिककार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले में बाल कल्याण से जुड़ी कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य कर रही संस्थाओं को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका अनाथ बच्चों के जीवन मेंसकारात्मक बदलाव ला सकती है।संस्था की ओर से यह भी कहा गया कि अनाथ बच्चों का संरक्षण केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है। समय रहते सहयोग नहीं मिलने पर बच्चों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है।फिलहाल संस्था द्वारा “सदस्य जोड़ो अभियान” के माध्यम से समाज को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन संस्था को उम्मीद है कि लातेहार जिला प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा और अनाथ बच्चों के हित में ठोस पहल करेगा।
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