तिसिया गांव में पहली बार सोलर सिस्टम से हर घर में पहुंची रोशनी

नक्सल प्रभावित रहा इलाका अब विकास की ओर बढ़ा
सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद गांव में बना शांति का माहौल
बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की दिनचर्या में आया बड़ा बदलाव
प्रशासन ने आगे भी बुनियादी सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में स्थित तिसिया गांव, जो कभी नक्सल गतिविधियों के कारण मुख्यधारा से कट गया था, अब सोलर ऊर्जा की रोशनी से एक नई पहचान बना रहा है। वर्षों तक अंधेरे और भय में जीने वाले इस गांव में अब हर घर में सोलर लाइट जल रही है।
अंधेरे में गुजरती थी ज़िंदगी
एक समय ऐसा था जब तिसिया गांव में शाम होते ही सन्नाटा छा जाता था। बिजली की सुविधा न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित रहती थी और ग्रामीण रात में किसी भी तरह की गतिविधि से बचते थे। नक्सल प्रभाव के चलते सरकारी योजनाएं भी यहां तक नहीं पहुंच पाती थीं।
सुरक्षा कार्रवाई से बदला माहौल
करीब तीन वर्ष पूर्व पुलिस और सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चलाया। तत्कालीन एसपी अंजनी अंजन के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के बाद नक्सल प्रभाव कमजोर पड़ा और गांव में सुरक्षा कैंप की स्थापना हुई। इससे ग्रामीणों में विश्वास लौटा और विकास का रास्ता खुला।
सोलर सिस्टम से बदली दिनचर्या
अब गांव के सभी घरों में सोलर सिस्टम लगाया गया है। इससे न सिर्फ बच्चों को पढ़ाई में सुविधा मिली है, बल्कि ग्रामीण रात में भी अपने रोजमर्रा के काम कर पा रहे हैं। गांव के एक स्थानीय निवासी ने कहा,पहले अंधेरे के कारण बच्चों को पढ़ने में दिक्कत होती थी, अब गांव में रोशनी है और उम्मीद भी।”
प्रशासन का आगे का प्लान
लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया कि तिसिया गांव पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां पारंपरिक बिजली व्यवस्था संभव नहीं थी। ऐसे में सोलर ऊर्जा को विकल्प के रूप में अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गांव में अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
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