प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है गारु प्रखंड के मिर्चया और सुग्गाबांध फॉल, बर्थडे पिकनिक और पर्यटन का बनता जा रहा पसंदीदा स्थल

झार टाइम्स की विस्तृत रिपोर्ट सूरज कुमार के द्वारा
गारु :झारखंड के लातेहार जिले के गारु प्रखंड में स्थित मिर्चया फॉल और सुग्गाबांध फॉल इन दिनों पर्यटन के साथ-साथ बर्थडे पिकनिक और पारिवारिक आयोजनों का भी प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। घने जंगलों, ऊँची पहाड़ियों और कल-कल करते झरनों से घिरे ये स्थल अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण स्थानीय लोगों के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी खूब आकर्षित कर रहे हैं। खासकर सर्दी के मौसम, छुट्टियों और सप्ताहांत में यहां सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हजारों की संख्या में पर्यटक हर रोज इन फॉलों का आनंद लेने आते हैं।गारु प्रखंड के ये फॉल झारखंड और आसपास के राज्यों के पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लातेहार जिले में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल भी पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं, जिनमें शामिल हैं:महुआडाड़ का बूढ़ा फॉल – लगभग 300 फीट ऊँचाई से गिरता यह झरना झारखंड का सबसे ऊँचा फॉल है।बेतला नेशनल पार्क – वन्य जीव और हरियाली के लिए प्रसिद्ध।नेतरहाट – सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए प्रसिद्ध।सुग्गाबांध फॉल और मिर्चया फॉल की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनकी आसान और बहु-दिशात्मक पहुंच है।राजधानी रांची से पर्यटक नेतरहाट का सूर्योदय और सूर्यास्त देखते हुए, महुआडाड़ स्थित बूढ़ा फॉल का प्राकृतिक नज़ारा और आगे सुग्गाबांध फॉल और मिर्चया फॉल तक पहुंच सकते हैं।छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इन फॉल तक की दूरी लगभग 165 किलोमीटर है। इस मार्ग पर पर्यटक कुसमी और महुआडाड़ होते हुए बूढ़ा फॉल का भ्रमण करते हुए आगे फॉलों तक पहुंच रहे हैं।बिहार और यूपी से पर्यटक भी आसानी से पहुंच सकते हैं। बिहार के औरंगाबाद से डालटनगंज होते हुए बेतला नेशनल पार्क और मिर्चया फॉल का भ्रमण करते हुए सुग्गाबांध फॉल पहुंचते हैं। वहीं यूपी के दूधी से गढ़वा, डालटनगंज, बेतला नेशनल पार्क और मिर्चया फॉल का आनंद लेते हुए फॉल तक पहुंचते हैं।इन फॉलों पर अब केवल घूमने का ही नहीं, बल्कि बर्थडे पिकनिक और पारिवारिक आयोजनों का भी पसंदीदा केंद्र बन गया है।फॉल क्षेत्र में वन विभाग की टीम और बारेसांढ़ थाना पुलिस की सतत निगरानी रहती है, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित रहती है।जंगल और पहाड़ी रास्तों से होकर इन फॉल तक की यात्रा पर्यटकों के लिए रोमांचकारी अनुभव देती है। रास्ते भर फैली हरियाली और प्राकृतिक दृश्य मन को सुकून देते हैं।पर्यटकों की बढ़ती आमद से स्थानीय ग्रामीणों को भी रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं। चाय-नाश्ते की दुकानें, छोटे स्टॉल और स्थानीय गाइड के रूप में युवाओं को काम मिल रहा है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन द्वारा सड़क और बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर किया जाए, तो गारु प्रखंड के मिर्चया और सुग्गाबांध फॉल आने वाले समय में एक राज्य से दूसरे राज्य तक पर्यटकों को आकर्षित करने वाला प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
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