नेतरहाट में अवैध होटल निर्माण पर प्रशासन सख्त, आदिवासी भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं : एसडीओ

महुआडांड़ (लातेहार)प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट में अवैध होटल एवं भवन निर्माण के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि आदिवासी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में सोमवार को नेतरहाट स्थित अरुणोदय गेस्ट हाउस में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) बिपिन कुमार दुबे की अध्यक्षता में होटल एवं भवन निर्माण से जुड़े मामलों की गहन जांच के लिए विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया एसडीओ श्री दुबे ने बताया कि अवैध या संदिग्ध निर्माण कार्यों को लेकर कुल 42 लोगों को नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से केवल 20 लोग ही जांच शिविर में उपस्थित हुए। शेष अनुपस्थित लोगों को शीघ्र ही पुनः नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जांच से बचने या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वालों के खिलाफ प्रशासन और भी कड़ी कार्रवाई करेगा
निजी आवास निर्माण पर सशर्त राहत
एसडीओ ने बताया कि जिन लोगों ने निजी आवास निर्माण के लिए अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, उन्हें 10 जनवरी तक का समय दिया गया है। इस दौरान संबंधित विभागीय कर्मचारियों द्वारा कागजातों की विस्तृत जांच की जाएगी।यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि निर्माण वास्तव में निजी आवास के उद्देश्य से है, तो 10 जनवरी के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल केवल अधूरे निर्माण में दीवारों पर पानी पटाने की अनुमति दी गई है, जबकि सभी प्रकार के नए निर्माण और विस्तार कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है होटल व व्यावसायिक निर्माण पर कड़ा शिकंजा होटल या किसी भी प्रकार केव्यावसायिक निर्माण में संलग्न लोगों को प्रशासन ने 17 जनवरी तक सभी वैधानिक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है इनमें भूमि के मूल कागजात, अद्यतन रसीद, जीएसटी पंजीकरण, उद्यम प्रमाण पत्र, फूड लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक अनुमतियां शामिल हैं एसडीओ ने कहा कि समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित निर्माण को तत्काल सील कर दिया जाएगा।
सीएनटी एक्ट का कड़ाई से पालन
एसडीओ बिपिन कुमार दुबे ने दो कहा कि सीएनटी अधिनियम के तहत नेतरहाट थाना क्षेत्र में बाहरी व्यक्ति आदिवासियों की भूमि नहीं खरीद सकते आदिवासी भूमि पर गैर-आदिवासियों का कोई भी अधिकार कानूनन शून्य हैउन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, हेराफेरी या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो न केवल निर्माण को सील किया जाएगा बल्कि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
जांच पूरी होने तक पूर्ण निर्माण प्रतिबंध
अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक नेतरहाट क्षेत्र में सभी प्रकार के भवन एवं होटल निर्माण कार्य पूरी तरह स्थगित रहेंगे। किसी भी परिस्थिति में नया निर्माण, विस्तार या व्यवसायिक गतिविधि के लिए ढांचा खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि नेतरहाट जैसे संवेदनशील और आदिवासी बहुल क्षेत्र में अवैध भूमि कारोबार, नियमों की अनदेखी और पर्यावरणीय संतुलन से खिलवाड़ को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।एसडीओ ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विकास को रोकना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में पारदर्शी और वैध विकास सुनिश्चित करना है। नियमों का पालन करने वालों को पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई तय है
📢 झारखंड की ताज़ा खबरें अब सीधे आपके WhatsApp पर!
🔗 WhatsApp ग्रुप जॉइन करेंझारटाइम्स – आपके गाँव, आपके खबर



