32वीं वाहिनी एसएसबी द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम का सफल आयोजन

गारू (लातेहार), 17 जनवरी 2026
- 32वीं वाहिनी SSB द्वारा मारोमार में मोबाइल रिपेयरिंग और प्लंबिंग प्रशिक्षण का भव्य समापन।
- गारू प्रखंड के विभिन्न गांवों के 64 युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र देकर बनाया गया ‘हुनरमंद’।
- मारोमार गांव में 250 लीटर प्रति घंटा क्षमता वाले वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की हुई स्थापना।
- मानव चिकित्सा शिविर में 82 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, डॉ. हिमांशु गिरी ने दी निःशुल्क दवाएं।
- कमांडेंट राजेश सिंह, जिप सदस्य जीरा देवी और मुखिया प्रभा देवी ने युवाओं का बढ़ाया उत्साह।
कौशल विकास से स्वरोजगार की ओर
सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 32वीं वाहिनी, लातेहार द्वारा सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत बदलाव की नई लहर शुरू की गई है। कमांडेंट श्री राजेश सिंह के नेतृत्व में सी समवाय, मारोमार में आयोजित 25 दिवसीय मोबाइल फोन हार्डवेयर रिपेयरिंग और 15 दिवसीय प्लंबिंग प्रशिक्षण का शनिवार को सफल समापन हुआ।
64 युवाओं को मिला रोजगार का आधार
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हेसवा, धानगरटोला, मारोमार, मिर्चैया, सुरकुमी और रेपेकर्चा जैसे गांवों के कुल 64 युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान के बाद, समापन समारोह में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अब ये युवा अपने ही क्षेत्र में मोबाइल रिपेयरिंग और प्लंबिंग का कार्य कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
शुद्ध पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य की सौगात
मारोमार गांव के ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए 250 लीटर प्रति घंटे की क्षमता वाले वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की स्थापना की गई। कमांडेंट राजेश सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके साथ ही आयोजित मानव चिकित्सा शिविर में सहायक कमांडेंट (चिकित्सा अधिकारी) डॉ. हिमांशु गिरी ने 82 मरीजों की जांच की और उन्हें जरूरी दवाइयां वितरित कीं।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य जीरा देवी, गारू थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा, मुखिया प्रभा देवी, ग्राम प्रधान कल्याण ब्रिजिया और वन विभाग के प्रतिनिधि अमित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने SSB की इस पहल को ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
“हमारा लक्ष्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि इन सुदूर क्षेत्रों के युवाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना भी है। SSB निरंतर ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाती रहेगी ताकि युवाओं को अपने ही गांव में रोजगार मिल सके।”
— राजेश सिंह, कमांडेंट (32वीं वाहिनी SSB)
ग्रामीणों में खुशी की लहर
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं और वाटर प्लांट की सुविधा मिलने से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों ने SSB के अधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और इस मानवीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया।
JharTimes का संदेश: JharTimes हमेशा ऐसी पहलों को सलाम करता है जो गांव और युवाओं की तकदीर बदलती हैं। SSB का यह प्रयास न केवल बेरोजगारी कम करेगा बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखेगा।
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