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सरयू : बीचमरवा में प्यास का पहरा: 3 साल से खराब पड़ी सोलर जल मीनार, चापानल भी दे गए जवाब; बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

सरयू (लातेहार), 24 दिसंबर 2025

शुभम कुमार(reporter)

  • ​सरयू प्रखंड की घासीटोला पंचायत के बीचमरवा गांव में पिछले 3 वर्षों से सोलर जल मीनार खराब।
  • ​गांव में जलापूर्ति ठप होने से महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्रोतों से लाना पड़ रहा पानी।
  • ​जल मीनार के साथ-साथ गांव के अधिकांश चापानल भी लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहे।
  • ​विभाग और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश।
  • ​स्वच्छ पेयजल के अभाव में दूषित जल पीने को मजबूर हो सकते हैं ग्रामीण।

पेयजल संकट का विवरण

सरयू प्रखंड अंतर्गत घासीटोला पंचायत का बीचमरवा गांव इन दिनों भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है। विडंबना यह है कि गांव में सरकारी स्तर पर सोलर जल मीनार (जल टंकी) की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन पिछले तीन वर्षों से यह केवल एक शो-पीस बनकर रह गई है। यांत्रिक खराबी के कारण टंकी से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है, जिसके चलते ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

महिलाओं और बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

​पानी की समस्या का सबसे अधिक खामियाजा गांव की महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। कुन्ती देवी, शांति देवी, सोमरीता देवी और बबीता देवी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि उन्हें घर का काम छोड़कर मीलों दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। गर्मी हो या सर्दी, पानी के लिए घंटों मशक्कत करना अब उनकी नियति बन गई है।

चापानल भी पड़े हैं बेकार

​ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की समस्या केवल जल मीनार तक सीमित नहीं है। गांव में लगे अधिकांश चापानल भी कई सालों से खराब पड़े हैं। जल स्तर नीचे जाने या तकनीकी खराबी के कारण ये चापानल सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने अब तक सुध नहीं ली है।

प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल

​तीन साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत न होना प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

“तीन साल से हम लोग प्यासे मर रहे हैं। टंकी बनी तो लगा था कि आराम होगा, लेकिन अब दूर से पानी ढोकर लाने में कमर टूट जाती है। न टंकी ठीक हुई और न ही चापानल। सरकार हमारी सुध कब लेगी?”

कुन्ती देवी, स्थानीय ग्रामीण महिला

ग्रामीणों की मांग

​बीचमरवा के निवासियों ने जिला प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से अविलंब गुहार लगाई है कि सोलर जल मीनार की मरम्मत कराई जाए और खराब पड़े चापानलों को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।

JharTimes का संदेश: JharTimes जन सरोकार से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाता है। हमारी कोशिश है कि बीचमरवा गांव की यह आवाज जिम्मेदारों के कानों तक पहुंचे और ग्रामीणों को जल्द राहत मिले।

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