लाखेपुर सड़क निर्माण में भारी धांधली: ₹22 लाख की लागत, पर 3 इंच की ढलाई; ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

महुआडांड़ (लातेहार), 21 दिसंबर 2025
- लाखेपुर में एकलव्य विद्यालय तक ₹22 लाख की लागत से बनी सड़क में घटिया सामग्री का आरोप।
- मानकों की अनदेखी: जीएसबी (GSB) की परत मात्र 3 इंच डाली गई, जो तय नियमों से काफी कम है।
- अखबार में खबर छपने के बाद ठेकेदार ने आनन-फानन में पूरा किया काम, गुणवत्ता ताक पर।
- कार्यस्थल से गायब रहे इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारी; सूचना बोर्ड भी हटाया गया।
- JLKM और ग्रामीणों ने की जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
घटना का विवरण (अनियमितताओं का मामला)
महुआडांड़ प्रखंड के लाखेपुर गांव में विशेष प्रमंडल द्वारा कराए गए सड़क निर्माण ने भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरसीसी मुख्य सड़क से एकलव्य आदर्श विद्यालय तक जाने वाली इस सड़क का बजट लगभग 22 लाख रुपये है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने कुछ समय पहले मीडिया में खबर आने के बाद काम को हड़बड़ी में पूरा किया। जल्दबाजी के चक्कर में न तो गिट्टी-सीमेंट के अनुपात का ध्यान रखा गया और न ही सड़क की मोटाई का।
तकनीकी मानकों का खुला उल्लंघन
सड़क निर्माण के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो स्थानीय लोगों ने पाया कि जीएसबी (GSB) की परत केवल तीन इंच तक ही डाली गई है। ढलाई में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल की मात्रा भी सरकारी एस्टीमेट के अनुसार नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, बिना सही बेस और कम मोटाई के कारण यह सड़क पहली बारिश भी झेलने की स्थिति में नहीं दिख रही है।
प्रशासनिक लापरवाही और गायब सूचना बोर्ड
नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी निर्माण कार्य स्थल पर ‘सूचना बोर्ड’ (Information Board) होना अनिवार्य है, जिसमें योजना की लागत और विवरण हो। लाखेपुर में न सिर्फ बोर्ड गायब है, बल्कि शिलान्यास के समय लगाया गया बोर्ड भी हटा दिया गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि काम के दौरान न तो कनीय अभियंता (JE) और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे, जिसका फायदा ठेकेदार ने उठाया।
स्थानीय नेतृत्व और ग्रामीणों का आक्रोश
इस मामले को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रखंड अध्यक्ष कुलदीप नायक और सचिव प्रेम पांडेय ने निर्माण स्थल का जायजा लेने के बाद इसे सरकारी धन की खुली लूट करार दिया है।
“यह सड़क गांव के बच्चों और ग्रामीणों के भविष्य के लिए थी, लेकिन ठेकेदार ने इसे केवल कमाई का जरिया बना लिया। बिना इंजीनियर की देखरेख के 3 इंच की ढलाई करना सीधे तौर पर धोखाधड़ी है। हम इसकी लिखित शिकायत वरीय अधिकारियों से करेंगे।”
— कुलदीप नायक, प्रखंड अध्यक्ष (JLKM)
भविष्य की मांग
लाखेपुर के ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस सड़क की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि सड़क का निर्माण दोबारा सरकारी मानकों के अनुसार कराया जाए।
JharTimes का संदेश: JharTimes भ्रष्टाचार के खिलाफ और जनता के हक की आवाज बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस मामले पर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनाए रखेंगे।
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