महुआडांड में नाली जाम का कहर, सड़क बनी गंदगी का दरिया प्रशासन मूकदर्शक, ग्रामीणों का अल्टीमेटम: समाधान नहीं तो पूरा महुआडांड ठप कर देंगे

MahuaDand, 12 December 2025
- शास्त्री चौक से महावीर मंदिर तक की सड़क पिछले एक साल से सीवर लाइन में तब्दील
- नाली जाम होने से सड़क पर गंदा पानी, दुर्गंध और मच्छरों का भारी प्रकोप
- दुकानदारों का कारोबार आधा, ग्राहक आने से कतराते
- ग्रामीणों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराज़गी जताई—“अफसर आते हैं, फोटो खींचते हैं और चले जाते हैं”
- चेतावनी: एक महीने में समाधान नहीं हुआ तो पूरा महुआडांड़ बंद कर देंगे
महुआडांड़ के शास्त्री चौक से महावीर मंदिर तक की सबसे व्यस्त सड़क पिछले एक वर्ष से किसी नाले की तरह बह रही है। नालियों के जाम होने से गंदा पानी लगातार सड़क पर फैल रहा है। शाम होते ही मच्छरों का आतंक इतना बढ़ जाता है कि लोगों का घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो जाता है।
राहगीरों का कहना है कि इस सड़क पर चलना किसी युद्धभूमि से कम नहीं—
“एक कदम रखते ही फिसलन, बदबूदार छींटे और गंध… पूरा रस्ता नरक जैसा हो गया है।”
दुकानदारों की स्थिति भी बेहद खराब है। गंदगी के कारण ग्राहक दुकान तक पहुंचने से कतराते हैं, जिससे बिक्री 50% से भी नीचे गिर गई है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जनता दरबार, आवेदन, शिकायतें और हस्ताक्षर अभियान—हर तरीका अपनाया, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
एक स्थानीय दुकानदार ने गुस्से में कहा—
“यहां नाली नहीं, प्रशासन की नीयत जाम हो गई है। अधिकारी आते हैं, फोटो लेते हैं और महीनों फाइल धूल खाती रहती है।”
लोगों का आरोप है कि पंचायत से लेकर विभाग तक हर स्तर पर उदासीनता है। बच्चों में बीमारी बढ़ने का डर है और लोग इसे ‘स्वास्थ्य संकट’ कह चुके हैं।
प्रशासन की चुप्पी और राजनीतिक दखल की मांग
ग्रामीणों ने सांसद कालीचरण सिंह और विधायक रामचंद्र सिंह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
लेकिन इस बार उन्होंने चेतावनी भी दे दी है:
“अगर 1 महीने में स्थायी समाधान नहीं हुआ तो बाज़ार बंद, सड़क बंद—पूरा महुआडांड़ ठप कर देंगे। अब कार्रवाई नहीं, समाधान चाहिए।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह अब सिर्फ नाली की समस्या नहीं, बल्कि जनता के अधिकार और प्रशासन की जवाबदेही का मुद्दा बन चुका है।
माहौल तनावपूर्ण: आंदोलन की तैयारी
गांव में आक्रोश बढ़ रहा है। हर दिन लोगों की भीड़ इकट्ठा होकर स्थिति पर चर्चा कर रही है।
बुजुर्ग, महिलाएं और व्यापारियों का कहना है कि यह लड़ाई अब सम्मान और स्वास्थ्य दोनों की है।
अगर जल्द कदम नहीं उठाया गया, तो महुआडांड़ में बड़ा जन-आंदोलन खड़ा होना तय है।
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