मायापुर में कृषि क्रांति: SSB के तत्वावधान में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू, 50 किसानों को सिखाए जाएंगे आधुनिक खेती के गुर

गारु (लातेहार), 23 दिसंबर 2025
- बारेसांढ़ SSB कैंप की पहल पर मायापुर पंचायत भवन में 10 दिवसीय कृषि प्रशिक्षण का आगाज।
- पंचायत के 50 महिला और पुरुष प्रतिभागी ले रहे हैं आधुनिक खेती का प्रशिक्षण।
- SSB कमांडेंट और मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का उद्घाटन।
- आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगा 10 दिनों का सत्र।
- सीमा सुरक्षा बल (SSB) और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में सराहनीय कदम।
कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य
लातेहार जिले के गारु प्रखंड अंतर्गत मायापुर पंचायत भवन में कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। SSB कैंप बारेसांढ़ के सौजन्य से आयोजित 10 दिवसीय कृषि प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक उद्घाटन मंगलवार को किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि SSB कमांडेंट राजेश सिंह, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष सह मायापुर मुखिया सुभाष कुमार सिंह और ग्राम प्रधान अनुज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। उद्घाटन सत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और SSB के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण की रूपरेखा
इस 10 दिवसीय शिविर में मायापुर पंचायत के 50 चयनित महिला एवं पुरुष हिस्सा ले रहे हैं। SSB के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आगामी दिनों में निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी जाएगी:
- आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग।
- कम लागत में अधिक पैदावार की तकनीक।
- उन्नत बीजों का चयन और मिट्टी का रखरखाव।
- सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ कैसे उठाएं।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होते हैं। इससे न केवल किसानों का कौशल विकास होगा, बल्कि सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के बीच आपसी विश्वास और समन्वय भी मजबूत होगा।
“हमारा उद्देश्य केवल सीमाओं की सुरक्षा करना ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में भागीदार बनना भी है। इस प्रशिक्षण से किसान भाई-बहन आधुनिक विधियों को सीखकर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगे।” > — राजेश सिंह, कमांडेंट (SSB)
ग्रामीणों में उत्साह
प्रशिक्षण में भाग ले रहे प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि विशेषज्ञों की देखरेख में प्रायोगिक (Practical) जानकारी मिलने से उन्हें उन्नत खेती करने में काफी मदद मिलेगी।
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