परमजीत तिवारी की संवेदनशील पहल से आरपीएस सेवा संस्थान के बच्चों को मिला शिक्षा का संबल

महुआडांड़ जब सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ निभाई जाती है, तब उसके परिणाम समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण सोमवार को महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत रामपुर स्थित आरपीएस सेवा संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट में देखने को मिला, जहाँ मानवता और करुणा से भरा दृश्य उपस्थित लोगों को भावविभोर कर गया
बारेसांढ़ के वनपाल परमजीत तिवारी ने ट्रस्ट के अनाथ आश्रम में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे लगभग 100 अनाथ एवं अत्यंत गरीब बच्चों के बीच उनकी पढ़ाई के लिए आवश्यक किताबें, कॉपियाँ, पेन, पेंसिल, मैप सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया। इसके साथ ही बच्चों की देखभाल, पोषण, शिक्षा तथा संस्थान की आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास को मजबूती मिल सके।इस अवसर पर श्री तिवारी ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए अनुशासन, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जो जीवन की दिशा बदल सकती है और बच्चों को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती है।शैक्षणिक सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और आत्मबल स्पष्ट रूप से झलक रहा था। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के सहयोग से बच्चों में न केवल पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है, बल्कि उन्हें यह भी एहसास होता है कि समाज उनके साथ खड़ा है।इस कार्यक्रम में आरपीएस सेवा संस्थान अनाथ आश्रम के श्रवण यादव, कमलेश यादव, वन विभाग से कुणाल कुमार, मुकेश ओझा एवं मिथलेश ठाकुर भी उपस्थित रहे।आरपीएस सेवा संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट, महुआडांड़ के संचालकों एवं बच्चों ने श्री परमजीत तिवारी के इस सराहनीय और मानवीय प्रयास के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि सरकारी दायित्वों के साथ मानवीय संवेदना निभाना ही सच्ची सेवा है।वनपाल परमजीत तिवारी का यह कदम जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक मजबूत, प्रेरणादायक और अनुकरणीय प्रयास माना जा रहा है।
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