संत जेवियर्स कॉलेज महुआडांड़ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया क्रिसमस धार्मिक गैदरिंग पर्व

महुआडांड़
धार्मिक गैदरिंग में प्रेम, शांति और एकता का संदेश
महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित संत जेवियर्स कॉलेज महुआडांड़ में मंगलवार को क्रिसमस के पावन अवसर पर कॉलेज के सभागार में धार्मिक गैदरिंग का भव्य आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, उप-प्राचार्य, सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे क्रिसमस गैडरिंग समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश,उप-प्राचार्य डॉ. फादर समीर टोप्पो, फादर राजीप तिर्की, डॉ. फादर लियो, सिस्टर चंद्रोदय, मिस संजू कुमारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत फादर राजीप तिर्की ने चरनी को आशीष प्रदान की, जिसके बाद प्रभु यीशु मसीह की सामूहिक प्रार्थना, नमन, वंदन एवं अभिनंदन किया गयास्वागत गीत, प्रार्थना नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँकार्यक्रम में अंग्रेज़ी विभाग के विद्यार्थियों द्वारा मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। छात्रा अनिशा कुजूर ने स्वागत भाषण के माध्यम से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रभु यीशु के जन्मोत्सव को स्मरणीय बनाने के लिए विद्यार्थियों द्वारा भावपूर्ण प्रार्थना नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।इसके पश्चात प्रभु यीशु के जन्मदिन के अवसर पर केक कटिंग की गई और जन्मदिवस गीत गाया गया। क्रिसमस से जुड़े गीतों एवं आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को उत्साह और उल्लास से भर दिया।
मुख्य अतिथि का संदेश: इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म
मुख्य अतिथि एवं IQAC सदस्य मोहम्मद तनवीर ने अपने संबोधन में कहा इंसानों से प्रेम और इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। धार्मिक सर्वश्रेष्ठता की भावना समाज में नफ़रत और मतभेद को जन्म देती है, जबकि प्रेम और सहिष्णुता ही हमें जोड़ती है।”
कैरोल गीत और रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य बना आकर्षण
शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत कैरोल गीत ने विद्यार्थियों का खूब मन मोहा। इसके बाद विद्यार्थियों ने क्रिसमस गीतों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम में संता क्लॉज भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे, जिनकी उपस्थिति से बच्चों और विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।एकता और समानता पर वक्ताओं ने रखा जोर मिस संजू कुमारी ने अपने विचार रखते हुए कहा ईश्वर एक है, चाहे उसे किसी भी रूप में पूजा जाए। जिस प्रकार ईश्वर किसी के साथ भेदभाव नहीं करता, उसी प्रकार हमें भी किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।”वहीं मिस्टर चितरंजन ने सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता और सद्भावना का संदेश दिया।प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिला सम्मानइस अवसर पर JHESA 3.0 क्विज़ प्रतियोगिता एवं जिला स्तरीय विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट में सहभागिता एवं विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों के हाथों एक्सीलेंस सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश का प्रेरक संदेश
प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा क्रिसमस केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह शांति, प्रेम और एकता का प्रतीक है। क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा जीवन में आशा और आनंद का संदेश देती है। यह पर्व जीवन में अच्छाई, एक-दूसरे के प्रति प्रेम, चेहरे पर मुस्कान, दिल में सुकून और नई उम्मीदों को जागृत करता है।”उन्होंने आगे कहा कि प्रभु यीशु मसीह का जन्म मानवता को प्रेम, दया और सहनशीलता का संदेश देने के लिए हुआ था और हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए।
भाईचारे और सेवा का संदेश
फादर प्रिंसिपल ने कहा
प्रभु यीशु का संदेश समाज में भाईचारा बढ़ाने और दीन-दुखियों की सेवा करने का है। प्रेम और भाईचारे से बड़ा कोई धर्म नहीं है। प्रभु यीशु मसीह ने मानव जीवन की सुंदरता को सिद्ध किया, जो ईश्वर की अनमोल देन है।
गिफ्ट वितरण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गिफ्ट और टॉफ़ियां देकर क्रिसमस कीशुभकामनाएं दीं। पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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