महुआडांड़–डाल्टनगंज सिंगल रोड बनी जानलेवा, ग्रामीणों व पर्यटकों की बढ़ी परेशानी

महुआडांड़ से डाल्टनगंज को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले दस वर्षों से अधिक समय से सिंगल लेन होने के कारण क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों, पर्यटकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। प्रतिदिन इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।महुआडांड़ से बारेसांड तक भले ही सड़क डबल लेन है, लेकिन बारेसांड से गारू औरछिपादोहर तक सड़क आज भी सिंगल है। यही हिस्सा सबसे अधिक दुर्घटनाग्रस्त औरभयावह माना जा रहा है। खासकर पहाड़ी और वन क्षेत्र से गुजरने वाली इस सड़क पर सामने से आने वाले वाहनों को साइड देना बेहद मुश्किल हो जाता है।स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों का कहना है कि जब भी वे इस रास्ते से सफर करते हैं, तब तक चैन नहीं मिलता जब तक सुरक्षित घर वापस न पहुंच जाएंकई राहगीरों ने बताया कि
“सिंगल रोड होने के कारण हर मोड़ पर डर बना रहता है, कहीं आमने-सामने गाड़ियां आ जाएं तो हादसा तय लगता है।”इस गंभीर समस्या को लेकर दर्जनों ग्रामीणों और पर्यटकों ने कालीचरण सिंह और रामचंद्र सिंह से सड़क चौड़ीकरण की मांग की है लोगों ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वन विभाग से समन्वय स्थापित कर इस मार्ग को जल्द से जल्द डबल लेन बनाया जाए, ताकि आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके।ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क की स्थिति खराब रहने से पर्यटन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि इस दिशा में ठोस पहल करेंगे और वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे।
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