AI के युग में मूल्य आधारित शिक्षा सबसे बड़ी चुनौती: संत जेवियर्स महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी

संत जेवियर्स महाविद्यालय महुआडांड़ में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन।
मुख्य वक्ता डॉ. फादर डॉमिनिक सेवियो एसजे ने कहा— AI रचनात्मकता को कम कर रहा है।
फादर जेराज वेल्सवामी एसजे का संदेश— AI पर अत्यधिक निर्भरता से मूल्यों और व्यवहार पर असर।
पारंपरिक झारखंडी नृत्य, स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अतिथियों का सम्मान।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सलेंस और सभी प्रोफेसर्स को सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन प्रदान किए गए।
संत जेवियर्स महाविद्यालय महुआडांड़ के सभागार में दिनांक 11 दिसंबर 2025 को “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में मूल्य आधारित गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की दिशा में अवसर और चुनौतियाँ” विषय पर एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में संत जेवियर्स कॉलेज कोलकाता के प्राचार्य सह JESA सेक्रेटरी डॉ. फादर डॉमिनिक सेवियो एसजे और रेक्टर रेव. फादर जेराज वेल्सवामी एसजे उपस्थित रहे।
उद्घाटन और पारंपरिक स्वागत
मुख्य अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय परिवार ने झारखंडी पारंपरिक नृत्य और रीति-रिवाजों के साथ किया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. जोश, उप-प्राचार्य डॉ. फादर समीर टोप्पो, कॉलेज ट्रेजरार फादर डॉ. लियो और फादर साइमन ने अतिथियों को शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
AI रचनात्मकता को नष्ट भी कर सकता है — डॉ. डॉमिनिक सेवियो एसजे
मुख्य वक्ता डॉ. फादर डॉमिनिक सेवियो एसजे ने आधुनिक शिक्षा में AI के प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा—“आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस जटिल समस्याओं को हल करने में हमारी मदद करता है, लेकिन इसकी अत्यधिक निर्भरता मनुष्यों की रचनात्मकता और नवाचार की शक्ति का ह्रास भी करती है। उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि व्यक्ति को सशक्त और अर्थपूर्ण जीवन जीने लायक बनाना है।”उन्होंने विद्यार्थियों को चेताया कि सिर्फ तकनीक पर निर्भर होकर अपनी प्रतिभा कमजोर न होने दें, बल्कि रचनात्मक कौशल को निखारने का प्रयास करें।
AI से मूल्यों का क्षरण हो रहा है — फादर जेराज वेल्सवामी एसजे
दूसरे मुख्य वक्ता फादर जेराज वेल्सवामी एसजे ने शिक्षा के मानवीय और नैतिक पक्ष पर जोर दिया।
उन्होंने कहा—“आज के विद्यार्थी उच्च शिक्षा तो ले रहे हैं, लेकिन संस्कार, व्यवहार और मानवीय मूल्यों की कमी दिख रही है। AI पर अत्यधिक निर्भरता न केवल रचनात्मकता घटा रही है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के मूल्यों से दूर कर रही है।”उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों से आग्रह किया कि तकनीक का उपयोग समझदारी से करें और मानवीय मूल्यों को शिक्षा का केंद्र बनाए रखें।
संगोष्ठी का संचालन और समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर सुरभि सिन्हा और शिल्पी जूनिता होरो ने किया।
समापन सत्र में वक्ताओं को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सलेंस, जबकि सभी प्रोफेसर्स को सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन प्रदान किए गए।धन्यवाद ज्ञापन भूगोल विभागाध्यक्ष शेफाली प्रकाश ने किया। उन्होंने कहा—“यह सेमिनार विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से लड़ने और समाधान खोजने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।”
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