श्रमदान से संवरा पहाड़कापू गांव का भविष्य, बोरी बांध से खत्म होगा जल संकट

महुआडांड़ (लातेहार)।गढ़बुढ़नी पंचायत के पहाड़कापू गांव में वर्षों से चली आ रही भीषण जल समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने एक अनुकरणीय पहल की है। गांव में हर साल बरसात समाप्त होते ही पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता था, जिससे खेती, पशुपालन और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता था।गांव से कुछ दूरी पर बहने वाला नाला बारिश के दिनों में तो पानी से लबालब रहता है, लेकिन वर्षा खत्म होते ही पूरी तरह सूख जाता है। पानी की कमी के कारण किसान धान के अलावा अन्य फसलों की खेती नहीं कर पाते थे, जिससे उनकी आय पर नकारात्मक असर पड़ता था। पशुओं के लिए पीने का पानी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। वहीं महिलाओं को नहाने, कपड़े धोने और घरेलू कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।इन समस्याओं को देखते हुए ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाया जाए। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रमदान के माध्यम से बिरनवा नदी पर लगभग 18 फीट चौड़ा बोरी बांध का निर्माण किया। यह कार्य फ़िया फाउंडेशन की टीम की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।बोरी बांध निर्माण के दौरान ग्राम प्रधान जोगेंद्र खेरवार के साथ सिल्बानुस करकेटा, अशोक तिग्गा, संजू तिग्गा, प्रभा कुजूर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। फ़िया फाउंडेशन की ओर से प्रखंड समन्वयक महेंद्र प्रसाद साव, समुदाय मोबिलाइज़र ईश्वर कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, सुमन साहिनी तिर्की एवं पंखारासीउस तेलरा ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बोरी बांध से जलस्तर में सुधार होगा, सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, खेती के नए अवसर पैदा होंगे और गांव की महिलाओं व पशुपालकों को पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। यह पहल न सिर्फ जल संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि सामूहिक प्रयास और श्रमदान की शक्ति को भी दर्शाती है।
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